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+-शब्दों के अर्थ
अकादमी
1. वह संस्था जिसका उद्देश्य कला, साहित्य, विज्ञान आदि की उन्नति तथा प्रचार करना हो। 2. वह विद्यालय जहाँ कोई विशिष्ट प्रशिक्षण दिया जाता है। 3. ज्ञान की उन्नति के लिए बना भवन।
अपनेआप
1. अपने से। 2. अपनी ही इच्छा से या बिना किसी की प्रेरणा आदि के।
अफसोस
1. किसी उचित, आवश्यक या प्रिय बात के न होने पर मन में होनेवाला दुख। 2. अपनी गलती का एहसास होने पर मन में होने वाला दुःख।
अशिक्षित
1. वह व्यक्ति जो शिक्षित न हो। 2. जो शिक्षित न हो या पढ़ा-लिखा न हो। 3. जो प्रवीण न हो।
असंतुलन
संतुलन का अभाव।
असंभव
1. एक अर्थालंकार। 2. जो संभव न हो।
आधुनिक
1. जिस पर इस समय की बातों या विशेषताओं की पूरी छाप हो। 2. जिसे बने, निकले या प्रस्तुत हुए थोड़े ही दिन हुए हों।
आवश्यकता
1. आवश्यक होने की अवस्था या भाव। 2. कोई भी आवश्यक वस्तु। 3. वह विचार जिसे पूरा करने के लिए कोई काम किया जाए।
कार्यालय
1. वह स्थान जहाँ किसी विशेष व्यापार या कार्य की व्यवस्था करने वाले कर्मचारी बैठकर सब काम बराबर नियमित रूप से करते हों। 2. किसी कार्यालय में काम करनेवाले लोग।
कोपेनहेगन
डेनमार्क की राजधानी।
गलतफहमी
किसी व्यक्ति या बात आदि के प्रति मन में उत्पन्न गलत धारणा।
घर-घर
1. बालाओं का वह खेल जिसमें वे खिलौने के रूप में उपलब्ध रसोई उपकरणों में खाना पकाने का नाटक करती हैं। 2. कहीं से उत्पन्न घर्र-घर्र का शब्द। 3. हर एक घर में।
चमकाना
1. किसी वस्तु को चमकाने की क्रिया। 2. कुछ ऐसा करना कि प्रसिद्धि बढ़े। 3. किसी वस्तु को रगड़कर या माँजकर उसमें चमक लाना।
डायमंड
ताश के पत्तों के चार भेदों में से एक जिसपर चौकोर आकार की लाल रंग की बूटियाँ बनी रहती हैं।
डायलिसिस
किसी घोल में स्थित स्फटिकाभ एवं श्लेष्मी पदार्थों की अर्धपारगम्य झिल्ली के द्वारा विसरण करने की उनकी दर में अंतर होने के कारण उनको अलग करने की क्रिया क्योंकि स्फटिकाभ पदार्थ श्लेष्मी पदार्थों की अपेक्षा अधिक शीघ्रता से विसरण कर जाते हैं।
नफ़रत
वह मनोवृत्ति जो किसी को बहुत बुरा समझकर सदा उससे दूर रहने की प्रेरणा देती है।
निकालना
1. निकालने या बाहर करने की क्रिया। 2. किसी को दंड आदि के रूप में किसी स्थान,क्षेत्र आदि से हटाकर बाहर या दूर करने की क्रिया। 3. मिली, सटी या लगी हुई चीज़ अलग करना। 4. अंदर धँसी हुई चीज़ को बाहर करना। 5. किसी वस्तु में पड़ी या गिरी हुई वस्तु बाहर करना या हटाना। 6. स्थान, स्वामित्व, अधिकार, पद आदि से अलग करना। 7. किसी सीमा के उस पार करना या बाहर करना। 8. अन्दर से कोई सामान आदि बाहर करना या लाना। 9. किसी कार्य या पद पर नियुक्त व्यक्ति को उसके पद या कार्य से अलग करना। 10. व्यर्थ जानकर बाहर करना। 11. जारी करना या उपलब्ध कराना। 12. पास करना। 13. सिलाई, बुनाई के टाँके अलग करना। 14. कोई ऐसी नयी वस्तु तैयार करना या नई बात ढूँढ़ निकालना जो पहले किसी को मालूम न रही हो। 15. मूल्य लेकर किसी को कुछ देना। 16. पहनी हुई वस्तु को अलग करना। 17. किसी ओर को या आगे की ओर बढ़ाना। 18. उस स्थान पर न रहने देना या दूर करना। 19. बहुत सी वस्तुओं में से कुछ मनपसंद वस्तुएँ अलग करना। 20. बात आदि की शुरुआत करना। 21. किसी के आगे बढ़ा ले जाना। 22. कहीं से होकर चलाना या ले जाना। 23. निर्वाह करना या व्यतीत करना। 24. निस्तार या उद्धार करना। 25. रकम जिम्मे ठहराना या किसी पर ऋण या देना निश्चित करना। 26. ढूँढ़कर सामने रखना। 27. रेखा के समान दूर तक जाने वाली वस्तु का निर्माण करना। 28. ध्यान में लाना विशेषकर उपयोग करने के लिए। 29. किसी वस्तु का अपने में से कुछ बाहर फेंकना। 30. कोई मान आदि प्राप्त करने के लिए गणन आदि करना। 31. किसी वस्तु में से कोई ऐसी दूसरी वस्तु किसी युक्ति से अलग या दूर करना जो उसमें मिली हुई या व्याप्त हो। 32. कहीं रखी हुई अपनी कोई चीज या उसका कुछ अंश वहाँ से लेकर अपने अधिकार या हाथ में करना। 33. कुएँ, पात्र आदि से पानी या किसी तरल पदार्थ को बाहर लाना या करना। 34. बैंक से पैसे निकालना।
प्रचलन
वह अवस्था जिसमें कोई वस्तु या बात बराबर व्यवहार में आती या चलती रहती है।
बेहतर
जो अधिक अच्छा हो।
भटकना
1. कुछ ढूँढ़ने के लिए व्यर्थ इधर-उधर घूमते फिरना। 2. रास्ता भूलकर इधर-उधर चले जाना। 3. व्यर्थ इधर-उधर घूमते फिरना या चलना। 4. गलत रास्ते पर चलना। 5. मन या विचार का शान्त न रहकर इधर-उधर जाना।
मर्यादित
किसी प्रकार की सीमा या मर्यादा में रहने और उसका उल्लंघन न करनेवाला।
महत्वहीन
1. वह जिसका कोई महत्व न हो। 2. जो महत्व का न हो।
मेहमान
1. जिसे किसी समारोह में हिस्सा लेने के लिए बुलाया गया हो। 2. बिना पहले से तिथि, समय आदि की सूचना दिए हुए घर में अचानक या बताकर आ पहुँचने वाला कोई प्रिय अथवा सत्कार योग्य व्यक्ति।
युद्ध-क्षेत्र
वह क्षेत्र जहाँ युद्ध हुआ हो या होता हो।
युद्धपोत
लड़ाई का समुद्री जहाज़ जिस पर बहुत-सी तोपें लदी रहती हैं।
रसहीन
1. जिसमें रस न हो। 2. जो रसिक न हो। 3. जो रोचक न हो।
रहनुमा
मार्ग प्रशस्त करने वाला व्यक्ति।
रिसीवर
1. टेलीफोन का वह भाग जिससे बात करते एवं सुनते हैं। 2. एक वैज्ञानिक उपकरण जो प्रेषक यंत्र द्वारा भेजे गये संदेश को ग्रहण करता है।
लिथियम
एक धात्विक तत्त्व।
शलजम
1. एक गोल कंद जिसका ऊपरी हिस्सा हल्के बैंगनी तथा निचला हिस्सा सफ़ेद होता है। 2. एक पौधा जिसका कंद गोल होता है और खाया जाता है।
संघटक
1. किसी वर्ग विशेष का घटक या भाग जो अपने आप में पूर्ण भी होता है। 2. किसी मिश्रण या यौगिक का कोई अवयव या भाग।
सत्यनिष्ठा
सत्यनिष्ठ होने का भाव।
सोच-समझकर
सोच विचार कर या सोच समझ कर।
सोनोग्राफी
शरीर के किसी अंग की जाँच या उसका अध्ययन करने के लिए उस अंग को उच्च आवृत्ति की ध्वनि तरंगों द्वारा देखने तथा उसका चित्रण करने की क्रिया।
सोशलिस्ट
वह जो समाजवाद का सिद्धांत मानता हो।
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