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+-शब्दों के अर्थ
अज्ञानता
1. ज्ञान न होने की अवस्था या भाव। 2. विद्या का अभाव। 3. जीवात्मा को गुण और गुण के कार्यों से पृथक न समझने का अविवेक (अध्यात्म)। 4. मूर्ख होने की अवस्था या भाव।
अड़तालीस
1. चालीस और आठ के योग से प्राप्त संख्या। 2. चालीस और आठ।
अतिवादी
अतिवाद का समर्थक।
अनुग्रह
वह मनोवेग जो दूसरे का दुख देखकर उत्पन्न होता है।
अनुरक्षण
किसी चीज़ या काम की देख-रेख करते हुए उसे बनाए रखने और अच्छी तरह चलाए रखने की क्रिया या भाव।
उतारना
1. ऊपर से नीचे की ओर लाने की क्रिया। 2. ऊपर से नीचे की ओर लाना। 3. पहनी हुई वस्तु को अलग करना। 4. लिखावट,चित्र आदि का जैसा है वैसा ही रूप बनाना। 5. लिपटी हुई या ऊपरी वस्तु को अलग करना। 6. आग पर वस्तुएँ पकाकर तैयार करना। 7. चुनाव, खेल, आदि में उम्मीदवार या प्रतियोगी को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुनना या भेजना।
उपभोक्ता
1. वह जो वस्तुएँ, सेवाएँ आदि का उपभोग करता या उन्हें काम में लाता हो। 2. वस्तुएँ, सेवाएँ आदि का उपभोग करने वाला या उन्हें काम में लाने वाला।
एकाग्रता
तल्लीन होने की अवस्था या भाव।
कंप्यूटर
स्वतः गणना करने वाला वह यंत्र जिसका उपयोग आजकल प्रायः हर क्षेत्र में होने लगा है।
खरीदार
वह जो कोई वस्तु आदि खरीदे या किसी साधन आदि के उपयोग के बदले धन दे।
गद्देदार
जिसमें गद्दा हो या गद्दे का बना हुआ।
गिरफ्तार
पुलिस आदि के द्वारा पकड़ा हुआ या पकड़ में आया हुआ।
गुरुत्वाकर्षण
पृथ्वी की वह शक्ति जिसके द्वारा सभी वस्तुएँ उसी की ओर खींचकर आती हैं।
घर-घर
1. बालाओं का वह खेल जिसमें वे खिलौने के रूप में उपलब्ध रसोई उपकरणों में खाना पकाने का नाटक करती हैं। 2. कहीं से उत्पन्न घर्र-घर्र का शब्द। 3. हर एक घर में।
चुपके-चुपके
दूसरों की नजर बचाकर।
ज्यादातर
1. अधिक अंश से संबंधित या अधिक अंश का या जो अधिक मात्रा में हो। 2. अधिक अवसरों पर।
टकराव
दो वस्तुओं आदि के वेगपूर्वक परस्पर भिड़ने की क्रिया।
तरोताज़ा
शारीरिक एवं मानसिक रूप से अच्छा या ताज़ा।
तीर्थयात्रा
धार्मिक उद्देश्य या भक्ति से पवित्र स्थान पर दर्शन,पूजा आदि के लिए जाने की क्रिया।
दक्षिणावर्त
1. वह शंख जिसका मुख दक्षिण की तरफ़ से घूमा हो। 2. जो घूमते समय दाहिनी ओर से आगे बढ़ता हो।
नजदीकी
1. पास या निकट होने की अवस्था या भाव। 2. किसी के बहुत समीप होने की अवस्था या भाव। 3. दूरी, समय आदि के हिसाब से जो निकट हो या निकट का।
नजरबंद
1. जादू या इन्द्रजाल का वह खेल जिसके विषय में लोगों का यह विश्वास रहता है कि वह नज़र बाँधकर किया जाता है। 2. जो किसी ऐसे स्थान पर कड़ी निगरानी में रखा जाए जहाँ से वह कहीं आ-जा न सके।
निगरानी
यह देखने की क्रिया कि सब बातें ठीक हैं या नहीं।
निरीक्षक
ध्यानपूर्वक निरीक्षण या अवलोकन करने वाला व्यक्ति।
पता-ठिकाना
1. किसी के रहने या मिलने के स्थान को सूचित करनेवाली वह बात जिससे किसी तक पहुँचा जाए या किसी को पा सकें। 2. किसी चीज या बात का पता देने वाला कोई तत्व। 3. किसी का नाम और पता।
प्रवर्तन
1. कोई कार्य, बात आदि शुरू होने या करने की क्रिया। 2. किसी विषय, मत या बात को बहुत से लोगों के सामने रखने की क्रिया। 3. बरामद होने या खोई हुई, चोरी गई या न मिलती हुई चीज के मिल जाने की क्रिया।
प्रायोजक
किसी काम को आयोजित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने वाला व्यक्ति या संस्था।
बिरयानी
एक भारतीय खाद्य जो अधपके चावल में मसाला तथा मांस, मछली या सब्जी डालकर फिर दम देकर पकाई जाती है।
बिलियन
1. सौ करोड़ की संख्या। 2. एक पर बारह शून्य लगाने से प्राप्त संख्या। 3. सौ करोड़। 4. एक मिलियन मिलियन।
बेअसर
1. जिसका प्रभाव न हो। 2. जो प्रभावित न करे।
मटरगश्त
निश्चिन्त होकर प्रसन्नतापूर्वक व्यर्थ इधर-उधर घूमने की क्रिया।
मददगार
1. वह व्यक्ति जो किसी काम आदि में सहयोग करता हो। 2. जो किसी काम आदि में सहायता करे।
यहाँ-वहाँ
किसी विशेष स्थान पर न होकर कहीं भी।
रमणीय
जो रमण करने के योग्य हो।
वफादार
1. वह व्यक्ति जिसपर विश्वास किया जा सके या जो विश्वास का पात्र हो। 2. जिसका विश्वास किया जा सके या जिस पर विश्वास हो।
विवाहित
1. वह व्यक्ति जिसका विवाह हो चुका हो। 2. जिसका विवाह हो गया हो। 3. जिसके साथ विवाह किया गया हो। 4. विवाह के फलस्वरूप होने वाला।
संकेतक
संकेत करने वाली वस्तु।
सत्यापन
1. मिलान या जाँच करके यह देखने की क्रिया कि यह ठीक या ज्यों-का-त्यों है या नहीं। 2. किसी लेख पर यह लिखकर हस्ताक्षर करने की क्रिया कि यह वास्तविक और सत्य है।
सराहना
1. किसी वस्तु, व्यक्ति, आदि या उनके गुणों या अच्छी बातों के संबंध में कही हुई आदरसूचक बात। 2. किसी की तारीफ़ करना।
सोच-समझकर
सोच विचार कर या सोच समझ कर।
हनीमून
विवाह के बाद की वह पहली रात जिसमें वर और वधू का पहले-पहले समागम होता है।
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